कैसे डेविड ने रूस में जाकर भारत का माॅडलिंग व कोरियोग्राफी में प्रतिनिधित्व किया – डेविड भारती

फैशन की चकाचौंध भरी दुनिया में छोटे शहर से होने के बावजूद बतौर कोरियोग्राफर काम करना, माॅडलिंग करना मुश्किल होता है, फिर भी डेविड ने एक सपना देखा था, जो सच हुआ। 

वह चाहते थे, कि विदेश की धरती पर जा कर अपने देश भारत का ससम्मान प्रतिनिधित्व करने का अवसर उन्हें मिले। वक्त के साथ वह सपना हकीकत में भी पूरा हुआ।

हम बात कर रहे हैं, उज्जैन के युवा डेविड भारती जी की जिन्होंने बहुत ही छोटी उम्र में देश व प्रदेश में अपने दम पर बड़े स्तर पर इवेंट करवाना शुरु किए तथा अपनी खुद की इवेंट कम्पनी  शिवोऽम् का आरम्भ किया। जो आज सफलता पूर्वक चल रही है। 

डेविड भारती जिनका जन्म 25 अक्टूबर सन् 1996 को उज्जैन में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। पिताजी नौकरी में तथा माताजी गृहणी रही। छोटे परिवार के बीच बचपन बीता। डेविड की पढ़ाई में कोई रुचि नहीं थी, ये नौकरी कभी नहीं करना चाहते थे, बल्कि अपने शौक को आकार देकर फैशन जगत में जाना चाहते थे, एंकरिंग, कोरियोग्राफी, व टी.वी पर अक्सर कार्यक्रम में माॅडलों की वाॅक देखते रहते थे। तो कभी एंकरिंग करना सीखते, घर पर खेल-खेल में उसका अभ्यास करते रहते, रेडियो पर प्रोग्राम सुनकर रेडियो जाॅकी भी बनना चाहते थे। 

डेविड कक्षा 10 वीं के बाद ही शहर में होने वाले फैशन शो में हिस्सा लेने लगे। इवेंट में शामिल होकर सब काम देखते ओर काम सीखते फिर समझने की कोशिश करते रहते।ओर यहीं से सोच लिया था, कि अब भविष्य तो इसी क्षेत्र में बनाना है। पढ़ाई भी साथ जारी रखी, लगातार कई फैशन शो का हिस्सा भी बनते रहे। कई शो में काम भी किया। कक्षा 12 वीं के दौरान इन्होंने पढ़ाई में ज्यादा ध्यान दे कर, उस समय कम शो किए, ताकि पढ़ाई में कोई रुकावट ना आए। 

उसके बाद रेडियो जाॅकी बन कर अपने बचपन का सपना पूरा किया। साथ ही बीएससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में डिग्री भी प्राप्त की। तभी इनको इंदौर में एक बड़े इवेंट को, को-ऑर्डिनेट करने का मौका मिला, इनकी मेहनत से वो इवेंट सफल रहा। फिर लगातार इन्होंने इसी तरह के इवेंट किए, साथ ही कोरियोग्राफी, माॅडलिंग, एंकरिंग को भी जारी रखा, तब मेट्रो सिटी, व सभी राज्यों में जाकर फैशन शो में हिस्सा लिया, तब इन्हें सैलरी शो के हिसाब से मिलती थी। फिर भी बहुत कम पैसों में लंबे समय तक काम किया। कम पैसों की वजह से कुछ समस्याएं आ रही थी। 

पर सीखना तो जारी रखा क्योंकि बिना सीखे खुद के काम को शुरु करना सही नहीं होता है। 

जब ये एक बार मुंबई शो के लिए गए थे, तब वहां से वापस लौटने के बाद इन्होंने सोचा, कि जब पहचान खुद की बनना है, तो किसी ओर के साथ काम करके यह संभव होना मुश्किल होगा। तब इन्होंने खुद की इवेंट कम्पनी शिवोऽम् शुरु करने का विचार किया।

परिवार वालों को पता था, कि ये कुछ अलग करने की चाह रखते हैं, तब घर वालों ने भी इनका साथ दिया। जब इन्होंने इनके पिताजी को बताया कि ये खुद की इवेंट कम्पनी शुरु करना चाहते हैं, तब पिताजी ने कहा कि पहले आगे की पढ़ाई पूरी करना बेहतर होगा, तब डेविड ने कहा कि आप मेरी पढ़ाई में जो पैसा खर्च करेंगे, वही पैसा आप मुझे मेरे सपने को पूरा करने लिए दे दीजिए, जब मेरा सपना पूरा होगा तब आपको मुझ पर गर्व जरुर महसूस होगा। यही बात मानकर डेविड के पिताजी ने इन्हें इवेंट कम्पनी के लिए पैसे दे दिए। जिसके साथ इन्होंने एक नई शुरुआत की।

सन् 2016 के समय पर इन्होंने उज्जैन में एक फैशन शो आयोजित किया,शो का नाम मिस्ट्रीक रखा, जिसका अर्थ ग्लेमर ओर फैशन वर्ल्ड को प्रस्तुत करना होता है।

डेविड की कम्पनी शिवोऽम् का पहला शो मिस्ट्रीक था, तब सारी व्यवस्था, माॅडल तैयार करना, कोरियोग्राफी करना, साथ ही जब छोटे स्तर से शुरूआत की तो सभी कुछ खुद को ही संभालना था। 

डेविड खुद ही रात को जा-जाकर दिवारों पर पोस्टर लगाया करते थे, इन्होंने रोड पर होर्डिंग्स लगाए, ये घर-घर जा कर पेम्पलेट भी बांटते थे। साथ ही आफिस को भी सम्भालते थे। एक साथ इतनी सबकुछ व्यवस्थाओं को देखना, ओर घर वालों को निराश ना करना ये उस बहुत बड़ी जिम्मेदारी का काम था। शो उम्मीद से ज्यादा सफल रहा, मेहनत कामयाब हुई। ओर परिवार वालों को भी विश्वास दिलाने में सफल हुए। 

डेविड ने जब अपनी कम्पनी का पहला शो किया तब इनके पास इस काम को करने का पूरा अनुभव था, पर नाम ओर पहचान नहीं थी, पहचान ना होने की वजह से कई जगह परेशानियां भी हुई। क्योंकि किसी के लिए भी नए व्यक्ति पर विश्वास करना आसान नहीं होता है। कार्य क्षेत्र में अपने नाम से पहचान बनाने के लिए इन्होंने बहुत संघर्ष किया। फिर समय के साथ नाम ओर पहचान मिलने लगी।

फिर शिवोऽम् इवेंट कम्पनी ने कई फैशन शो करवाए, जिसमें मिस्टर & मिसेज फ्रेश फेस आॅफ द ईयर 

यह शो भी सफल रहा, फिर लगातार शो हुए जिसमें मिस्ट्रीक सीजन-2, ओर मिस्टर & मिसेज उज्जैन करवाया। 

जिस तरह डेविड कम समय में अपनी अलग पहचान बना रहे है, एक के बाद एक लगातार शो सफल होते चले जा रहे थे, तब ही किस्मत ने एक नया मोड़ लिया, सन् 2018 में रशिया (रुस) में होने वाले एक फैशन शो, जिसमें दुनिया के लगभग सभी देश भाग ले रहे थे, उसमें भाग लेने के लिए भारत की तरफ से डेविड को चुना गया जिसमें इन्होंने रशिया जा कर भारत का प्रतिनिधित्व किया। ओर वहां उस शो को कोरियोग्राफ भी किया।

शिवोऽम् ने सन् 2019 में बच्चों के लिए भी फैशन शो आयोजित किया। साथ ही उसी साल शिवोऽम् वेडिंग इवेंट प्लानिंग की भी शुरुआत की। 

डेविड बताते है, कि यदि उनके पिताजी ने उनका साथ नहीं दिया होता तो वे आज इतने सफल नहीं हो सकते थे, जब रशिया में इन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया, तब सबको बहुत प्रसन्नता हुई, इनके पिताजी को लगा कि, उनका विश्वास सफल रहा। 

इनके पिताजी ने हमेशा सीखाया है,कि काम कुछ भी करो, जो करना है, वो करो पर कभी कुछ ऐसा काम मत करना जिससे तुम्हारे परिवार का नाम खराब हो, या तुम्हारा भविष्य खराब हो। काम ऐसा करो जिससे सबको तुम पर नाज़ हो।

भविष्य में डेविड ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश करवा रहे हैं, ताकि वो भी फैशन डिजाइन, या मेकअप आर्टिस्ट बन कर अपना जीवन यापन अच्छे से कर सके, तथा आत्मनिर्भर बन सके। एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चें जो फैशन जगत में जाना चाहते हैं, उनके लिए भी ये लगातार वर्कशॉप आयोजित करते हैं, जिसमें उन्हें माॅडलिंग व अन्य भी बहुत कुछ सीखाने की कोशिश करते हैं। 

जिस तरह इन्होंने छोटे स्तर से शुरुआत की, उसी तरह ये सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश करते हैं, ताकि सभी भविष्य में अपने सपने सच कर सके।

जिस तरह शिवोऽम् इवेंट कम्पनी व डेविड ने बहुत कम समय में शहर तथा प्रदेश में स्वंय को प्रतिष्ठित किया है, वो सब इनके काम को सीखने की कला और कुछ नया सोचकर चलने की वजह से ही हासिल हो पाया है।

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