फोन से विडियो बनाने से कैसे वेबसीरिज के डायरेक्शन की शुरुआत की – सुखवंत कत्थी ( सुख )

बात करें सन् 2012 से 2014 के समय की तो उस वक्त में मोबाइल ओर इंटरनेट का इतना प्रचलन नहीं था। विडियो बनाने का काम बहुत कम लोग करते थे। ओर उसे इंटरनेट पर अपलोड करना, कुछ नया सीखने या लोगों के सामने रखना बहुत बड़ी बात हुआ करती थी। 

लेकिन उस समय से सुख को शौक विडियो बनाने का था, तो वह किसी ना किसी की सहायता लेकर अपने मन के काम को करता था। क्योंकि वह अपनी सोच दुनिया के सामने रखने की कोशिश करता था, नया प्रयोग या प्रयोगवादी सोच का यह उदाहरण है। उस समय से  मेहनत कर के आज भी  नाम हासिल करने की कोशिश कर रहे है। 

हम आज बात कर रहे हैं, पंजाब के लुधियाना के समराला में रहने वाले सुखवंत कत्थी जी की। जिनको पंजाब इंडस्ट्री में सुख के नाम से जाना जाता है। जिनके डायरेक्शन के काम से इनकी पहचान है। 

सन् 2015 के समय से सुख ने शार्ट विडियो बनाने से शुरुआत की, क्योंकि इनका पढ़ाई में मन कम लगता था।

परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी ठीक नहीं थी। 

चार भाई-बहनों व माता-पिता के परिवार में बचपन बीता। सुख का जन्म 8 फरवरी 1994 को लुधियाना के पास समराला में हुआ। सुख की परवरिश ओर पढ़ाई समराला से ही हुई है। 

पढ़ाई में वैसे भी सुख का मन कम लगता था, ये टीवी ओर गेम्स खेलने में ही व्यस्त रहते थे। फिल्मों या सीरियलों को कैसा बनाया जाता है, इनका ध्यान वहीं लगा रहता था। 

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, पिताजी की छोटी सी दुकान है, तो आय का स्त्रोत इतना अच्छा नहीं है।

पिताजी का संघर्ष देखते हुए सुख का बचपन बीता है, उसने हमेशा इन दिनों को पलटने के लिए कोशिश का हर संभव प्रयास किया और आज भी कर रहे है। 

अब उम्र के साथ शौक भी पूरा करना था, साथ में परिवार की जिम्मेदारी भी आने लगी थी। तो इन्होंने उसी समय से रोजनदारी पर रिक्शा चलाने का काम चालू कर दिया। कई जगहों पर छोटे-छोटे काम करना चालू कर दिए।

जिससे परिवार में ज्यादा नहीं तो कम से कम कुछ मदद करने में ये सहायक हो सकें। कभी शादियों में जाकर शूटिंग करना तो कभी कुछ कार्यक्रमों में भाग लेना शुरु कर दिया था। 

समय आया सन् 2015 का जिसमें इन्होंने मोबाइल के कैमरे से छोटे-छोटे विडियो बनाकर सोशल मीडिया ओर यू-ट्यूब पर डालना चालू कर दिया। यह सब लोगों को पसंद आने लगा था। 

फिर कुछ समय बाद ही सुख ने कवर गानों को रिकार्ड करना शुरु कर दिया था, क्योंकि जब तक इन्हें कैसे ओर किस तरह से डायरेक्ट करना है, यह समझ आ ही चुका था।

तो काम मिलने ओर नया कुछ बनाने में इतनी दिक्कत नहीं आ रही थी। 

जब यह शौक ओर नए आइडिये का सुख के दोस्तों को पता चला तब उनकी मदद से व उनके कैमरे से सुख ने शूटिंग करना शुरु कर दिया था। सभी साथ होते, एक साथ काम करते ओर छोटी सी बातों में भी खुशी खोजने की कोशिश करते थे। 

उन्हीं दोस्तों का साथ तब से लेकर अब तक वैसा ही बना हुआ है, पर अब स्थिति में परिवर्तन आ चुका है, अब आय व स्थिति सुधर चुकी है। 

उस समय सुख के विडियो के लिए माॅडलिंग इनका एक दोस्त बनदीप किया करता था, बस ऐसा ही सबकुछ चल रहा था। कहा जाता है, दोस्तों व अपनों का साथ हो तो दुनिया जीती जा सकती है, ऐसा ही कुछ यहाँ हो रहा था। 

सुख नाम, पैसा, जरुरत, सपनों के बीच उलझ कर चल रहे थे, घर वालों ने परिवार की स्थिति देख कई बार गुस्सा भी किया, पर साथ भी कभी नहीं छोड़ा। 

सुख ने फिर धीरे-धीरे गानें बनाने की शुरुआत की, जो यू-ट्यूब पर अपलोड किए, लोगों ने पसंद भी किए। काम को सराहा भी गया। 

उसी समय “जी. एस. रिकार्डिंग” ने इन्हें डायरेक्शन का मौका दिया व इसके मालिक हरप्रीत सिंह बुजगर है। 

जो सुख को बड़े भाई की तरह ही प्रेम करते हैं। 

सुख उनके साथ काम करने लगे। अब तक इनके फिल्माएं सात से अधिक गानें आ चुके हैं। जिसमें यह सभी गाने सभी प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं।

अब सुख के द्वारा फिल्माएं जाने वाली एक पंजाबी वेबसीरिज *GHARCH* जल्दी ही सभी प्लेटफॉर्म पर आने वाली है। 

जब हमारी टीम के सदस्यों ने *GHARCH*  इस वेबसीरिज के प्रोमो को देखा सभी को बहुत पसंद आया। इस प्रोजेक्ट के लिए सुख को बहुत बहुत शुभकामनाएँ। 

सुख लगातार कुछ प्रोजेक्ट पर काम कर रहे है, जिसमें इनके साथ पंजाब इंडस्ट्री के कुछ बड़े ओर मशहूर नाम भी शामिल है। 

एक समय था,जब कुछ लोगों ने गलत भी कहा ओर बोला कि परिवार की स्थिति को देखकर कहीं नौकरी कर लेना चाहिए। पर सुख एक साथ अपने सपनों ओर पैसों दोनों पर काम करना चाहते थे। 

     आज कहीं ना कहीं जब सुख उन लोगों के बीच मौजूद होते हैं, तो आज उनकी नजरों में परिवर्तन देखने को मिलने लगा है। 

खुद के नाम के लिए, यह संघर्ष होता ही होता है। जिसमें कोई साथ दे ना दे पर खुद का मन का साथ रहना जरुरी होता है। यदि मन खुश है, तो सबकुछ आसान ना होकर भी आसान लगने लग जाता है। 

इनके गाने ” इजहार” के सफल होने के बाद इनको इतने समय काम के बाद अच्छी पहचान तब ही मिली। 

सुख बताते हैं कि इनको अकेले, शांत माहौल में काम करना पसंद है, कुछ सोचने या कुछ डायरेक्ट करने से पहले मन को शांत व स्थिर करना बहुत जरुरी होता है, 

मीडिल क्लास परिवार में रहकर नौकरी ना करके फिल्मों या गानों की तरफ रुख करना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि सभी को हालात समझ आते हैं पर मन से कोई भी समझने को तैयार नहीं होता है। 

सभी को लगता है, उम्र के साथ पैसा जरुरी है, हाँ जरुरी भी है। पर सपनों को मारकर यदि पैसा कमा भी लिया तो आत्मसंतुष्टि नहीं होगी। 

पंजाब इंडस्ट्री में सुख एक चढ़ता नाम है, जिसमें इनके काम से इनको पहचान मिलने लगी है। पर अभी नाम ओर पहचान दोनों ही छोटी है। पर मेहनत के दम पर कामयाबी भी मिल ही जाएगी।

सुख बताते हैं, कि जब बचपन में वो अपने पिता को संघर्ष करते देखते थे, तब से ही इनके सपने कुछ अलग रंग लेने लगे थे, क्योंकि जो स्थिति इन्होंने देखी है, उसको सुधारने का हरसंभव प्रयास करने की कोशिश की है l

Ashwin Khatri
Ashwin Khatri has laid the foundation of the platform named "Apni Pehchaan", Ashwin has tied himself with the society for many years in the role of social worker at his level. After doing MSc from Udaipur University, he is starting his identity with the aim of giving a new direction to the society. Ashwin Khatri has resolved to nurture the hidden talents, professions behind the scenes of the society and take them all along in future. Contact Mail - ashwinkhatri@apnipehchaan.com

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