मुसीबतों के बवंडर से निकलकर कैसे हिमांशु शर्मा बनें – हिमांशु बंवडर

कहा जाता है जिस व्यक्ति ने बचपन से ही मुसीबतों के बवंडर देखे हो उसके लिए सागर समान मुसीबतें भी रत्ती के समान हो जाती है।

      उन्हीं मुसीबतों के बीच जब वो अपना पेशा ही लोगों को हंसाने का बना लेता है तब मुसीबतों का वही बवंडर हंसी के सागर में परिवर्तित हो जाता है।

नमस्कार, 

आज हमारी टीम अपनी पहचान, आपका परिचय श्री हिमांशु शर्मा जी से करवाने जा रही है। हमें उम्मीद है आप सभी हिमांशु जी का संघर्ष देख उनसे प्रेरणा लेंगे।

हिमांशु शर्मा का जन्म दिनांक 31 जुलाई 1989 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ, पिताजी श्री मानक शर्मा जी का व्यवसाय रहा लेकिन हिमांशु ने घर की अलग परिस्थितियों को बचपन में देखा था। उन बुरी यादों से मन दुखी होता था पर खुद को उन परस्थितियों से निकालने के लिए हर पग पर संघर्ष की नई परिभाषा को देखा है। 

इनकी प्राथमिक शिक्षा अमरावती से ही हुई। सन् 1999 के करीब माताजी के नौकरी के चलते उज्जैन आ गए अब पढ़ने का सिलसिला यहीं से शुरु होने वाला था, हिमांशु अपने सिद्धांतों पर चलने वाले इंसानों में शामिल होना चाहते थे।

हिमांशु ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए कक्षा 9वीं के बाद ही मेडिकल स्टोर्स पर काम करना, मोहल्ले में कोचिंग पढ़ाना जैसे कामों को शुरु कर दिया था। ऐसे छोटे-छोटे कामों के बीच हिमांशु ने अपने कई सपनों को पूरा किया व कई सपनों को टूटते हुए भी देखा है। 

“कुछ करने की जिद्द बचपन से ही थी इसलिए कुछ सालों के गुजरात भी चले गए।”

वहाँ गुजरात में भी छोटे-छोटे कामों को करते रहे व अपने सपनों को साकार करने का प्रयास करते रहते थे, हिमांशु को बचपन से ही आर्टिस्ट बनने की चाह रही पर पारिवारिक मजबूरी में वह उस वक्त संभव नहीं हो पाया लेकिन शौक कवि सम्मेलनों को सुनने का भी रहा है।

पता नहीं था कि जिन कवि सम्मेलनों को सुनने ये जाते हैं भविष्य में उस ही तरह के मंच वही जनता इनको सुनने की प्रतीक्षा करेगी। हिमांशु स्क्रीनप्ले भी लिखते आएं हैं सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी लिखने का शौक रहा है।

जब हिमांशु होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहे थे उस ही वक्त इनके साथ 

एक बहुत बड़ा हादसा हो गया तब उस होटल मैनेजमेंट को बीच में छोड़कर बीए (इंग्लिश) में किया।

इतना कुछ जीवन में चल रहा था पर हिमांशु ने उदासी को नहीं मुस्कुराहट को ही चुना, इनको पहला कवि-सम्मेलन में पाठ करने का मौका 5 मई 2012 को प्राप्त हुआ। हिमांशु अब कवि सम्मेलन को ही अपना प्रोफेशन बनाने का सोचने लगे थे, जिसमें आज वे सफल भी हैं। 

इन्होंने शैलेश लोढ़ा जी, कुमार विश्वास जी, हरि ओम पंवार जी जैसे बड़े माननीय कवियों के साथ अनेकों बार मंच साझा किया है। 

इसके ही बाद फिर दौर परिवर्तन आने वाला था सन् 2014 से लेकर 2016 में इनके जीवन का कठिन समय चल रहा था। उस समय इन्होंने फिर छोटे-छोटे कामों को करना चालू किया जो काम मिला वह काम मुस्कुराते हुए किया चाहे वह चाय की दुकान पर काम करना हो 

या कार ड्राइविंग का काम करना हो, ऐसी मुसीबतों के साथ ही यह समय भी गुज़र गया। लेकिन वह समय हमेशा के लिए मन पर छाप छोड़ गया है। 

एक सा समय कभी नहीं रहता है तो अब समय परिवर्तित भी होने वाला था। सन् 2015 में हिमांशु ने सब टीवी पर आने वाले कार्यक्रम “काॅमेडी सुपरस्टार” के ऑडिशन में भाग लिया जिसके जज के रुप में शेखर सुमन, सुष्मिता सेन व सोनू सूद मुख्य रुप से थे। 

        शेखर सुमन जी, अर्चना पूरन सिंह जी ने हिमांशु को  खड़े होकर खास अंदाज़ में सम्मानित किया। 

काॅमेडी के सुपरस्टार शो में ये टाॅप 6 में सम्मिलित रहे वहीं सब टीवी की तरफ से इन्हें “बदलापुर अवार्ड” से सम्मानित किया गया। इन्होंने कवि सम्मेलनों को भी जारी रखा। 

अब तक राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कवि सम्मेलनों में “हिमांशु बवंडर” जाना पहचाना चेहरा बन चुके थे। 

उस ही बीच सन् 2022 में सोनी पर प्रसारित होने वाले “इंडियाज़ लाफ्टर चैंपियन” के टाॅप 5 में शामिल रहे। 

हिमांशु ने रिश्तेदारों, परिवार व सभी के तानों को जड़ी- बूटियों की तरह माना है जिससे ज़िंदगी चल रही है। 

      ” सफलता का सिद्धांत ही ताने है।” 

हिमांशु अपना मार्गदर्शक सिर्फ ईश्वर को ही मानते हैं जिन्होंने हर मार्ग पर साथ दिया चाहे वक्त कैसा भी रहा हो हमेशा हिम्मत व हंसी के साथ ही लोगों के मनों को जीतना चाहा है। 

अभी पिछली कुछ लाईनों में लिखा है कि जिन कवि सम्मेलनों को हिमांशु सुनते थे आज उस ही का हिस्सा बन चुके हैं जो पसंदीदा कवि थे उन्हीं के साथ काव्यपाठ करने का मौका मिल रहा है।

        अभी तक हिमांशु ने 800 से अधिक मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर लोगों के मन को जीता है। 

हिमांशु ने अपने सपनों को चुना है उन्हें पूर्ण करने के लिए हर कदम पर संघर्ष के साथ उन्हें सम्पूर्ण भी कर रहे हैं। 

हिमांशु कहते हैं कि लोगों का मुस्कराना उन्हें  सुकून देता है सभी लोग किसी ना किसी परेशानियों का सामना कर ही रहे है, उस ही बीच किसी के चेहरे की एक मुस्कान भी ईश्वर की प्रार्थना करने के समान है। 

हिमांशु भविष्य में अपने सभी अधूरे सपनों को पूरा करना चाहते हैं ओर अपने पसंदीदा अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन जी के साथ स्क्रीन साझा करना चाहते हैं तथा रजत शर्मा जी के शो में आना चाहते हैं। 

हिमांशु के आगामी उज्जवल भविष्य के लिए हमारी टीम अपनी पहचान की ओर से अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएँ।

More from author

Related posts

Latest posts

जयपुर में साहू की चाय, जिसका अनोखा स्वाद लेने मुख्यमंत्री, मंत्री, सेलिब्रिटी सभी आते हैं, क्या है, चाय में खास – साहू की चाय

चाय!  चाय का नाम सुनते ही याद आ जाती है, छोटी-सी चाय की दुकान, उबलती हुई चाय, जिसके स्वाद की महक आसपास के वातावरण को...

डिप्रेशन को हराकर, कैसे काॅमेडी किंग बने इंदौरी रंजीत भिया – रंजित भिया

आज इंटरनेट के युग में जिस तरह से यूट्यूब का इस्तेमाल करके यूट्यूबर प्रसिद्धि पा रहे हैं, उन्हीं में से एक है। रंजीत कौशल...

आर्थिक स्थिति, फिर कैंसर से जीतकर नीलम कैसे कर रही है, शैक्षणिक संस्थान का संचालन – नीलम शर्मा

ऐसा कहा जाता है, कि शिक्षा ऐसा धन है, जो हमेशा हर समय काम आता है। जितना इस धन को जितना बांटा जाता है,...

ताजा खबरों से अपडेट रहना चाहते हैं ?

हमें आपसे सुनना प्रिय लगेगा ! कृपया अपना विवरण भरें और हम संपर्क में रहेंगे। यह इतना आसान है!